ब्रेकिंग न्यूज़: दिल्ली में भूकंप के झटके, लोगों में दहशत

दिल्ली में भूकंप के झटके

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ब्रेकिंग न्यूज़: दिल्ली में भूकंप के झटके, नेपाल में था केंद्र, लोगों में दहशत

नई दिल्ली: आज, 4 अप्रैल 2025 को रात करीब 7:52 बजे दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह खबर जैसे ही लोगों तक पहुंची, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की दहशत फैल गई।
Delhi earthquake
Delhi earthquake
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई है। इसका केंद्र नेपाल में था, जो हिमालयी क्षेत्र में स्थित एक भूकंप संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। एनसीएस के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 20 किलोमीटर की गहराई पर था, और इसकी उत्पत्ति नेपाल के पश्चिमी हिस्से में हुई।
दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके हल्के से मध्यम स्तर के थे, जो करीब 10-15 सेकंड तक महसूस किए गए। जैसे ही झटके शुरू हुए, लोग अपने घरों, दफ्तरों और इमारतों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ ने लिखा कि वे सोफे पर बैठे थे तभी अचानक फर्नीचर हिलने लगा, तो कुछ ने बताया कि उनके घर की खिड़कियां और दरवाजे हल्के से कांपने लगे। दिल्ली के कई इलाकों जैसे रोहिणी, द्वारका, जनकपुरी, और ग्रेटर नोएडा से भी झटकों की खबरें आईं।
नेपाल से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, वहां भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेपाल का हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है, और वहां अक्सर छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं। हालांकि, अभी तक वहां से किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर सामने नहीं आई है।
भारत में भी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
भूकंप के बाद दिल्ली पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल और हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण इस तरह की भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं।
भारत का उत्तरी हिस्सा, खासकर दिल्ली-एनसीआर, जो भूकंपीय जोन IV में आता है, भी इन झटकों से प्रभावित होता है। हालांकि, आज का भूकंप ज्यादा तीव्र नहीं था, फिर भी यह लोगों के लिए एक चेतावनी की तरह है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए तैयार रहना जरूरी है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, रिक्टर स्केल पर 5.0 की तीव्रता वाला भूकंप मध्यम स्तर का माना जाता है। यह इमारतों को हल्का नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर उन ढांचों को जो मजबूत नहीं हैं। लेकिन दिल्ली में ज्यादातर आधुनिक इमारतें भूकंप प्रतिरोधी तकनीक से बनी हैं, जिसके चलते बड़े नुकसान की संभावना कम रहती है। फिर भी, पुराने इलाकों और अनियमित बस्तियों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भूकंप के बाद मौसम विभाग और भूकंपीय निगरानी एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूत्रों से जानकारी लें। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे हल्के में लेते हुए मजाक भी बना रहे हैं, वहीं कुछ ने इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार से भूकंप तैयारियों पर सवाल उठाए हैं।
दिल्ली में इससे पहले भी कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। साल 2020 और 2021 में भी कई बार छोटे-मोटे झटके आए थे, जिनका केंद्र ज्यादातर हरियाणा, उत्तराखंड या नेपाल में था। आज के भूकंप ने एक बार फिर लोगों को याद दिलाया कि प्राकृतिक आपदाओं के लिए पहले से तैयारी कितनी जरूरी है।
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे अपने घरों में आपातकालीन किट तैयार रखें, जिसमें पानी, दवाइयां, टॉर्च और जरूरी सामान शामिल हों।
फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की आशंका भी रहती है, इसलिए अगले कुछ घंटों तक सावधानी बरतना जरूरी है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है, और जैसे ही कोई नई जानकारी आएगी, उसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

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